मीन
व्यवसाय आप अपने स्वयं से जुड़े ज्ञान को हमेशा बेहतर करने में लगे रहते हैं|आप अपनी नयी सीख को सही तौर से समझने और अपने जीवन में अपनाने के लिए …
तृप्ति अग्रवाल का जन्म दिल्ली शहर मे श्री विनय अग्रवाल जो की एक जाने माने ज्योतिषी हैं, के घर हुआ | वैसे तो इन्होने अपनी शिक्षा वाणिज्य के क्षेत्र में पूरी की परन्तु वे पारम्परिक शिक्षा के लिए कभी बनी ही नहीं थी, क्यूंकि उनका रुझान १२ साल की आयु से ही ज्योतिष के दुनिया में था जब उनके पिता ने उन्हें इस विद्या का ज्ञान देना शुरू किया | प्रारंभ में उन्होंने ज्योतिष जगत के विभिन्न और दिलचस्प रूपों जैसे चेहरा पड़ना; शारीरिक हाव- भाव पड़ना; पूर्वसंकेत समझना; हस्त लिपि पढ़ना; होरा; अंको का ज्ञान; इत्यादि को जाना और इन का प्रयोग इन्होने अपने दिनचर्या में करना शुरू किया, जिसकी मदद से इनको इस आद्यात्मिक ज्ञान को पाने और ज्ञान की इस दुनिया में और गहरी खोज करने का संकल्प द्रढ़ होता गया |
आज यह वैदिक ज्योतिष करती हैं (जो पूर्वोत्तर भारतीय ज्योतिष का सबसे सटीक माध्यम माना जाता है) साथ ही यह इन बाकि माध्यमों का भी प्रयोग करती हैं,जैसे कृष्णमूर्ति इत्यादि , अपने दोस्तों,परिवार व ग्राहक को समझाने के लिए कि उनके जीवन में जो हो रहा है उसका क्या कारण है, क्यूंकि यह मानती हैं की ज्योतिष प्रकृति की देन है और उसमे जो भी है उसका ज्ञान है|
जब इनसे पूछा गया की, ” किसी का ज्योतिष करने मे ऐसा क्या है जिसको वह बेहद पसंद करती है व उसके लिए इतनी भावुक रहती है?” जिसके जवाब मे उन्होंने कहा की वो उस शांति से प्यार करती है जो सामने वाले इन्सान को महसूस होती है, जब उनकी परेशानी सुलझ जाती है या कम से कम वो लोग अपनी परेशानी का कारण समझ जाते है| वो कहती है की पैसा सिर्फ एक उपफल है क्यूंकि यह उनका व्यवसाय है परन्तु उनकी असली कमाई तो वो है जो वो लोगो को शांति और अद्रश्य तृप्ति देकर पाती है|
उनके मुताबिक ज्योतिष एक उस टॉर्च की तरह है जो एक अँधेरे कमरे मे आपको रौशनी प्रदान करता है| यह आपकी सारी परेशानिया ख़तम नहीं करता, बल्कि आपको उसे ढंग से समझने मे मदद करते है, ताकि आप अपने मामलो को ढंग से संभाल सकें| इसके लिए एक ज्योतिषी को हमेशा उच्च्तर सदाचारी होना चाहिए, और अपने ज्ञान का कभी गलत इस्तमाल नहीं करना चाहिए|
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