शनि

इस ग्रह का प्रबल अधिकार कर्म – अनुशासन – ज़िम्मेदारियाँ – नियमो और विनियमों – मेहनत – मंद गति से चलना – मौत व नौकरों पर हैं|
हर एक बात जिस पर इस ग्रह का अधिकार हैं, वो सारी बातें वैसी हैं, जिनका हम इंसान सामना नहीं करना चाहते| हम सब आज़ाद तौर पर रहना चाहते हैं, जहाँ सिर्फ हमारे विचार और संचालन चले| पर ज़िन्दगी इस तरह नहीं चलती, इसके अपने कुछ प्रमुख और बहुमूल्य नियम हैं, जो इस बात को सुनिश्चित करते हैं की सबको विकास और तरक्की के बराबर अवसर मिले| हालाँकि, कौन किस हालत को कैसे देखता हैं और किस तरह समझता हैं, यह चर्चा का एक पूरा ही अलग विषय हैं|
कोई भी नहीं चाहता की शनि उन पर किसी भी प्रकार से शासन करे, चाहे वो चलने वाली कोई दशा हो या साढ़े-साती, जिसके कारण हर कोई डरता और सहम जाता हैं| हर किसी ने इस ग्रह को बिलकुल ही गलत समझा है और बजाए इसका अभिनंदन करने के, हर कोई इससे भागना चाहता हैं| यह सत्य हैं की इसका हर प्रकार का संचालन बहुत ही कठोर और अभद्र होता हैं, पर इस ग्रह ने कभी भी किसी के लिए भी अशुभता की चाहत व कामना नहीं करी हैं| यह सिर्फ हर प्रकार से सबके लिए योग्य और निरंतरता प्रगतिशील रास्तो की कामना रखते हैं| हालाँकि, इनके तरीको को सबके लिए समझना आसान नहीं हैं, पर अगर कोशिश करके थोड़ी गहराई से इसको समझा जाए, तो हम सब इसकी खूबसूरती को देख और जान पाएँगे की यह सिर्फ वृद्धि और खुशहाली देने के रास्ते खोलने आते हैं|
जब किसी भी रूप मे यह ग्रह जातक पर भ्रमण करने आते हैं, तो इस बात का खास ख्याल रखा जाता हैं की यह जातक अपने खुद के अस्तित्व पर हर प्रकार से शंकित हो, और यह चरण प्रश्न पूछने और उसका ज़वाब धुंडने का, की यह सब क्यों और किस लिए हो रहा हैं, जातक को यह देखने – समझने – निर्मित करने मे सुनिश्चित करता हैं की उसे अब डरके और अयोग्य तरीके से ज़िन्दगी नहीं गुज़ारनी, बल्कि आत्मविश्वास और निडरतापूर्वक गुज़ारनी हैं|
इस ग्रह के काल चरण मे जब कुछ भी मुसीबत – कष्ट – अपकर्ष, जातक को झेलना पड़ता हैं, तो यह सब सिर्फ जातक को अपने सामर्थ्य को पूरी तरह से पहचानने में मद्दत करता हैं| एक बहुत अच्छी कहावत हैं, “एक बार आप जब निडर बन जाते हो, तो जीवन असीम बन जाता हैं”, और यह कहावत इस ग्रह के इरादे को भली-भांति समझाता हैं|
कहीं न कहीं हम सब अनुशासित तरीके से जीना पसंद नहीं करते| इसका सबसे बेहतरीन उदाहरण: जब कोई कठोर अध्यापक स्कूल या कॉलेज के क्लास में प्रवेश करती/करते थे, तो हर एक विद्यार्थि अपने आप ही शांत हो जाता था| इसका मतलब यह बिलकुल भी नहीं था की अध्यापक किसी भी प्रकार से ख़राब था, पर हाँ यह बात ज़रूर थी की अध्यापक यह सुनिश्चित करता था की सिर्फ महत्वपूर्ण बातो के बारे में ही चर्चा हो| और अंत में, हम सब विद्यार्थि बिना किसी मस्ती के पढाई करते थे| उसी तरह से शनि भी एक कठोर अध्यापक हैं, जिसके आने से सब चुप हो जाते हैं, और बिना किसी हसीं-मज़ाक के यह ग्रह सिर्फ प्रासंगिक बातो पर चर्चा करते हैं, और उन हर बातो को सही तरीके से सिखाते – समझाते व याद करवाते हैं|
इसी तरह जिम्मेदारियों को संभालने की बात हैं| यह कैसे – कब और किस रूप में आए यह ज़रूरी नहीं; हम इससे ख़ुशी से करे या दुखी होकर; पर हमे इसे सहना और करना ही पड़ता हैं; और यह कोशिश भी करनी पड़ती हैं की ईमानदारी से इन कर्तव्य को निभाए| कोई भी ज़िम्मेदारी सिर्फ जातक को ओर बलवान – उत्पादक और अपनी ज़िन्दगी के हर पहलु से साफ़-साफ़ रूबरू करा देते हैं, और कुछ नहीं|
कोई भी जातक परिपूर्ण नहीं हैं और न ही हो सकता हैं, पर हाँ परिपूर्णता की तरफ काम करते रहने से श्रेष्ठता ज़रूर मिल जाती हैं| इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता की कितने गहरे घाव और ताज़े ज़ख़्म लेकर आप घूम रहे हैं, फ़र्क केवल इस बात से पड़ता हैं की आप उस हालातो में भी कितने सशक्त और जिंदा महसूस करते हो| एक बात हमेशा याद रखना, कुछ भी, ज़िन्दगी में हमे तोड़ने नहीं आता, बल्कि हमें ओर बेहतर बनाने आता हैं|
अपने लक्ष्य की ओर बड़ने के लिए हम जितना प्रयत्न करते हैं, उतने ही अधिक कामयाबी को अपने पक्ष में करने की संभावना बढ़ जाती हैं| तो, बेहतरी इसी में हैं की अपने हालातो पर कुढने के बजाए, इसका आनंद ले, क्यूंकि अनजाने में ही सही आप हर दिन अपने लक्ष्य की ओर नज़दीक आ रहे होते हैं, अगर आप इसको एक सकारात्मक दृष्टिकोण से देखे| और वैसे भी, शब्दकोश में भी परिश्रम सफ़लता से पहले आता हैं| और, अगर उसे परिश्रम को सफ़लता से पहले रखने में कोई परेशानी नहीं हैं, तो हम इंसानों को क्यूँ होती हैं|
शनि सिर्फ हमारी आखों पर पड़ी धुल को हटाने आता हैं, ताकि हम अपने आपको – अपने हालातो को – अपनी ज़िन्दगी के लक्ष्यों को – अपने सामर्थ्य को – अपने याग्येता को – अपने रिश्तो को – अपने तर्क-वितर्कता को – अपने जीवन पद्धति को – अपने ज़िन्दगी के प्रत्येक महत्वपूर्ण बात को देख पाए, जो हम किसी भी कारण से नहीं देख पा रहे| और, शनि की मदत से, चाहे वो जन्मपत्री में उसकी स्थापना हो या उसका दशाओ में भ्रमण हो, यह सिर्फ जातक की ज़िन्दगी में स्पष्टता प्रदान करने आता हैं|

जातक पर इसकी विशेषताए

जिन जन्मपत्रियो में शनि ग्रह के प्रमुख असर होता हैं, उनमे निम्नलिखित गुण होते हैं

  • इनका किसी भी बात को देखने का नज़रिया बहुत ही गहरा होता हैं|
  • यह अपनी ज़िन्दगी के मामलों को व रिश्तों को हर तरह से प्राथमिकता प्रदान करते हैं|
  • यह बेफिजूल की बातो और परिवेश से बहुत ज़ल्दी तंग हो जाते हैं|
  • इनको समझना जितना मुश्किल लगता हैं, व असल में उतना ही आसान होता हैं|
  • निरपेक्ष की इनको किसी भी बात के बारे में कितनी जानकारी हैं, यह हमेशा ही हर किसी को सम्प्रशन में पूरा मुकाबला देंगे|
  • यह धैर्यवान श्रोता होते हैं|
  • यह सामने वाले की हर एक चाल को बहुत ध्यान से निरीक्षण करते हैं; और बहुत ही सोच समझ कर अपने प्रतियोगी के लिए उपयोग करते हैं|
  • यह हर बात के लिए समय लेना पसंद करते हैं और इनको ज़ल्दबाज़ी में काम करना बिलकुल पसंद नहीं|
  • यह बाहरी तौर पर गंदे लग सकते हैं, पर असल में इनका यह गंदा-पना भी अपना एक नियमित संचालन लिए होता हैं|
  • यह अपने लक्ष्य के तरफ बहुत ईमानदारी से मेहनत करना पसंद करते हैं|
  • ऐसा ज़रूर लग सकता हैं की यह भौतिकवादी लोग हैं, पर असल में यह किसी भी वस्तु से नहीं जुड़े होते|
  • कोई भी इन पर हुकुम चलाए इन्हें बिलकुल पसंद नहीं, बल्कि इन्हें कोई दोस्तों की तरह प्यार से कुछ समझाए तो यह अवश्य उस बात को सुनते व पालन करने की कोशिश करते हैं|
  • यह किसी भी बात का आँख बंद करके पालन नहीं करते, यह हर बात को गहरायी से विश्लेषण करके आगे बढ़ना या उससे पीछे हटना पसंद करते हैं|
  • एक उम्र पार करने के बाद, यह ज़ज्बाती होना छोड़ देते हैं, चाहे वो जज्वात इनके खुद के लिए हुए हो या समाज का दिया हुआ|
  • इनको इंसानी रिश्तो में बेपरदा रहना पसंद होता हैं, जो इनके मन में होता हैं, वही इनके हाव-भाव में नज़र आता हैं|
  • बहुत ही चुनिन्दा लोगो से यह भावनात्मक तौर पर जुड़े होते हैं| हालाँकि, यह खुद या किसी को भी अपने मनोभाव के बारे में बताते नहीं हैं|
  • यह सीधा और साफ़ बोलने वाले लोग होते हैं, जिसके कारण इनको बहुत बार असभ्य और बेदिल समझा जाता हैं|

शनि ग्रह का अन्य रिश्तो पर असर

  • किसी भी प्यार भरे संबंधो या वो रिश्ता जो किसी रूप के लगाव व जिज्ञासा की मांग रखता हो उसके लिए यह ग्रह अलगाव व दूर-दराज़ के भाव रखता हैं| इसका यह बिलकुल भी मतलब नहीं हैं की यह में उस अन्य जातक से प्यार नहीं करता या उसकी परवाह नहीं करता, यह वो सब भावनाए रखते हैं, लेकिन इनको अपनी मनोभावनाए ठीक तरह से जताना नहीं आता| यह ग्रह प्यार के रिश्तो में कोई सशक्त दर्ज़ा नहीं रखता| यह ग्रह ऐसे रिश्तो के लिए असभ्य और अनुचित दिखते हैं| यह आपस में प्यार का उतना आदान-प्रदान नहीं कर पाते जितना इन लोगो की मांग होती हैं|
  • किसी भी कार्यस्थल संबंधो के लिए, यह लोग अपने काम को ईमानदारी से पूरा करने में बड़े ही सक्षम होते हैं| इनका यह पूर्ण मानना होता हैं की ईमानदारी और मेहनत कर के आसानी से कोई भी अपने लक्ष्य को पा सकता हैं, और यह उसी में पूर्ण विश्वास रखते हैं| यह किसी को नीचा करके अपने आपको ऊपर नहीं करते, बल्कि अपने आप को अपने लक्ष्य के काबिल दर्जे पर लाते हैं और फिर ऊँचाइयों को छुते हैं| यह थके होने के बावज़ूद भी अपने मंजिल की ओर लगातार आगे बड़ते चले जाते हैं|

कारकत्व

कर्मा
इंसान के करे हुए सारे कर्म, चाहे वो अच्छे हो या बुरे, यह सब इस ग्रह के अंतर्गत आते हैं| जातक किस प्रकार के कर्म करेंगे और किस तरह से उन्हें उसका इनाम मिलेगा? यह सब इस ग्रह से गणना करी जाती हैं|

नौकर
क्या जातक के कभी नौकर होंगे की नहीं? जातक के कितने नौकर होंगे? क्या वो नौकर ईमानदार होंगे की नहीं? यह सब इस ग्रह से गणना करी जाती हैं|

अनुशासन व नियम और विनियम
क्या जातक की ज़िन्दगी में अनुशासन होगा की नहीं? क्या वो सही तरीके के श्रेणी का संचालन सब पर लागु करेंगे या सिर्फ यह आस-पास के लोगो के लिए ही होगा? इन सब बातो की गणना इस ग्रह से लगाई जाती हैं|

मंद गति
यह ग्रह बाकि सब ग्रह से कुछ ज़्यादा समय लगता हैं आगे बड़ने में, परन्तु यह मंद गति की यात्रा भी अपने आप में बहुमूल्य होती हैं| इस ग्रह की सिर्फ एक शर्त होती हैं की शांत रूप से आगे होने वाले सब घटनाओ को जिओ और उसका सामना करो, और किसी भी वज़ह से चिडचिडा मत हो| इस मंद गति में अपना रास्ता पार करते हुए जितने शांत रहोगे उतना ही खुशनुमा और लायक परिणाम आपको आखिर में प्राप्त होगा|

दुःख
जातक को किस प्रकार के अपकर्ष का सामना करना पड़ेगा? क्या यह जातक अपने गमों से कभी बाहर निकल कर आएगा या हमेशा अपने गमों की गहराइयों में बंधा रहेगा? यह ग्रह जातक के जीवन में आने वाले सारे गमों के बारे में बताता हैं, और साथ ही साथ उस अवस्था से बाहर निकलने का तरीका भी देता हैं|

मौत
कब जातक अपनी आखरी सांस गिनेगा? वो आखरी पल जातक के जीवन के कैसे होंगे? हालाँकि, इस गणना में कुछ भावों को देखना भी बहुत ज़रूरी होता हैं, क्यूंकि हम जो अपने आपको इंसानी भावनाओं के अंतर्गत दुसरो से जोड़ लेते हैं| पर अगर मौत के बारे में गहरायी से सोचा जाए, तो यह एक नए जीवन जीने का नया रूप हैं – जहाँ नया शरीर – नए रिश्ते – नई यादें बनती हैं| तब भी इस विषय पर सबका अपना एक अलग ही मत होता हैं|

अन्य छोटे मगर महत्वपूर्ण कारकत्व

शारीरिक अंग
तंत्रिका तंत्र

रंग
काला और गहरा नीला

धातु
लोहा

दिशा
पश्चिम

स्थान
अस्पताल/ मेडिकल स्टोर

शक्ति
सर्जनात्मक शक्ति

कपड़े
फटे-पुराने कपड़े

कार्यस्थल
श्रमसाध्य काम: जैसे – मज़दूर/ नौकर/ कूड़ा उठाने वाले

मौसम
शरद/ मघा + फागुन

स्वाद
तीक्ष्णता

लिंग
नपुंसक